Maharana Partap जी के बारे मैं हैरान कर देने वाले तथ्य

Scribbled Arrow

Maharana Pratap जी का जन्म 9 may 1540 कुम्भलगढ़ राजस्थान में हुआ था। इसलिए maharana pratap jayanti 9 May के दिन मनाई जाती है|

Maharana Pratap height लगभग 7.5 ft. के आसपास थी।

महाराणा प्रताप जब युद्ध में लड़ते थे तो दुश्मन सेनिक उनके सामने आने से भी कांपते थे क्योंकि वो अपनी तलवार के एक ही वार से दुश्मन सैनिक को घोड़े समेत काट डालते थे।

महाराणा प्रताप युद्ध में 200 किलोग्राम से अधिक का वजन लेकर चलते थे जिसमे उनका भाला और कवच ही 150 किलोग्राम के आसपास होता था।

आज भी महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में सुरक्षित हैं।

महाराणा प्रताप को जब महलों को छोड़ कर जंगलो में रहना पड़ा था तब उनके साथ लुहार जाति के हजारो लोगों ने भी घर छोड़ा था  और दिन रात मेहनत करके महाराणा प्रताप जी कि फौज के लिए तलवारें बनाईं। इसी समाज को आज गुजरात मध्यप्रदेश और राजस्थान में गाढ़िया लोहार कहा जाता है।

महाराणा प्रताप को शस्त्रास्त्र की शिक्षा “श्री जैमल मेड़तिया जी” ने दी थी, जो 8000 राजपूत वीरों को लेकर 60000 मुसलमानों से लड़े थे। उस युद्ध में 48000 मारे गए थे । जिनमे 8000 राजपूत और 40000 मुग़ल थे।

Maharana Pratap के देहांत पर अकबर भी रो पड़ा था। जबकि 30 वर्षों की लगातार कोशिशों के भी अकबर महाराणा प्रताप को बंदी नहीं बना सका था।

महाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक महाराणा को 26 फीट का दरिया पार करने के बाद वीर गति को प्राप्त हुआ। उसकी एक टांग टूटने के बाद भी वह दरिया पार कर गया।

मरने से पहले महाराणा प्रताप ने अपना खोया हुआ 85% मेवाड फिर से जीत लिया था। सोने चांदी और महलो को छोड़कर वो 20 साल मेवाड़ के जंगलो में घूमे ।

महाराणा प्रताप का देहांत 19 January 1597 में हुआ था।

ऐसी ही लेटेस्ट खबरों के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करे

स्टोरी पसंद आए तो शेयर कीजिए

Arrow