अमर जवान ज्योति का विलय (Merger of Amar Jawan Jyoti)

क्या है अमर जवान ज्योति,अमर जवान ज्योति का विलय,क्यूं हो रहा विलय का विरोध,सरकार ने क्या कहा है (What is Amar Jawan Jyoti, Merger of Amar Jawan Jyoti, Why is the merger being criticized, Government’s Stance)

हाल में ही हमने खबरों में देखा है कि करीबन पचास सालों से प्रज्ज्वलित अमर जवान ज्योति का विलय राष्ट्रीय स्मारक ज्योति में कर दिया गया है। इस कदम पर सरकार को विपक्ष को ओर से कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा है पर सरकार ने ऐसा कदम उठाने के पीछे कारण भी चिन्हित किए हैं। आइए इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं ये पूरा मसला क्या है। इसके साथ ही हम ये भी समझेंगे कि अमर जवान ज्योति कैसे अस्तित्व में आई और इसका क्या महत्व है।

क्या है अमर जवान ज्योति? ( What is Amar Jawan Jyoti)

इंडिया गेट का निर्माण अंग्रेजों के द्वारा करवाया गया था। पहले वर्ल्ड वार और एंग्लो अफगान वार में करीबन 84000 भारतीय सैनिकों मारे गए थे। अंग्रेजो ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए इंडिया गेट का निर्माण करवाया था। आपको बता दे कि छब्बीस जनवरी सन 1972 को इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति जलाई गई थी। अमर जवान ज्योति की स्थापना के पीछे का उद्देश्य वर्ष 1971 के युद्ध में हुई भारत की विजय को मनाने और देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देनेवाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था।

इंडिया गेट के पास एक चबूतरा बनाया गया था। इसपर एक बैरल पर खड़ी राइफल और उसके ठीक ऊपर हेलमेट है l इस पर अमर जवान लिखा गया था। इसी चबूतरे पर एक मशाल जला करती थी। इस पर अमर जवान ज्योति लिखी गई थी। ये ज्योति यहां 21जनवरी 2022 की शाम तक यहां मौजूद थी।

अमर जवान ज्योति का विलय ( Merger of Amar Jawan Jyoti)

इंडिया गेट के पास ही बने वॉर मेमोरियल की मशाल में अमर जवान ज्योति का विलय हो गया है। इस कार्य की पूर्ति के समय एक मिलिट्री समारोह भी आयोजित किया गया था। 25 फरवरी 2019 को नेशनल वॉर मेमोरियल का उद्घाटन किया गया था। चालीस एकड़  के क्षेत्रफल में बने इस वॉर मेमोरियल की खास बात ये है कि यहां एयरफोर्स, नेवी और आर्मी के सैनिकों के नाम साथ साथ है।

नेशनल वॉर मेमोरियल के अंदर चार चक्र हैं। इसके सबसे अंदर के हिस्से में एक ऊंचा स्तंभ है जिसमे अमर ज्योति जल रही है। ये वही ज्योति है जिसमे अमर जवान ज्योति का विलय हुआ है।

क्यूं हो रहा विलय का विरोध ( Why is the merger being criticized)

जिन लोगो को भी सरकार का ये कदम तर्कसंगत प्रतीत नहीं हुआ उनका कहना है कि दो जगह अगर ज्योति जले तो इसमें क्या समस्या है। लोगों का ये भी कहना है कि अमर जवान ज्योति से एक भावनात्मक लगाव था इसलिए इससे छेड़खानी नहीं होनी चाहिए थी।

सरकार ने क्या कहा है ( Government’s Stance)

सरकार का कहना है कि अमर जवान ज्योति को बुझाया नही गया है अपितु इसका विलय हो गया है। एक तरह से इंडिया गेट हमारे कोलोनियल अतीत का चिन्ह है। इंडिया गेट पर लिखे हुए शहीदों के नाम वॉर मेमोरियल पर भी दर्ज हैं। इसलिए इस कदम को अमर जवान ज्योति को बुझाने से नहीं बल्कि इसके स्थानांतरण के रूप में देखा जाना चाहिए।

FAQs

अमर जवान ज्योति कब स्थापित की गई थी?

छब्बीस जनवरी सन 1972 को।

अमर जवान ज्योति कहां स्थापित थी?

इंडिया गेट।

अमर जवान ज्योति का विलय कहां हुआ ?

इंडिया गेट के पास ही बने वॉर मेमोरियल की मशाल में अमर जवान ज्योति का विलय हो गया है।

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