धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जीवन परिचय, बागेश्वर धाम (Dhirendra Krishna Shastri Biography in Hindi)

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जीवन परिचय, जीवनी, बागेश्वर धाम, महाराज, भागवत कथा, आयु, उम्र, भजन, विवाद, परिवार, शादी किससे हुई, धर्म, जाति (Dhirendra Krishna Shastri Biography in Hindi) (Bageshwar Dham, Kahan hai, Maharaj, Date of Birth, Age, Caste, Religion, Latest News, Wife, Family, Net Worth, Katha, Location, Temple)

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाला एक सामान्य गरीब ब्राह्मण समुदाय का बालक आज देश और दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है उनके द्वारा यह दावा करना कि उनके पास दिव्य शक्तियां मौजूद है जिसके दम पर वह किसी भी व्यक्ति का भूत भविष्य वर्तमान बिना उसके बताए हुए ही जान लेते हैं। इन बालक का नाम है पंडित धर्मेंद्र शास्त्री, जोकि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर है। इनके द्वारा समय-समय पर देशभर के अलग-अलग इलाकों में और विदेशों में दिव्य दरबार का आयोजन किया जाता है, जहां पर लाखों लोगों की भीड़ लगती है। आइए जानते हैं कि आखिर “पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन है” और “बागेश्वर धाम क्या है” तथा “बागेश्वर धाम का सच क्या है।”

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Table of Contents

धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम जीवन परिचय (Dhirendra Shastri Biography in Hindi)

पूरा नामश्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गर्ग
प्रसिद्ध नामबागेश्वर वाले बाबा, बुलडोजर वाले बाबा
पितारामकृपाल गर्ग
मातासरोज गर्ग
भाईदो
बहनएक
धर्महिंदू
जातिब्राह्मण
जन्मतिथि: 4 जुलाई 1996
जन्म स्थानगड़ा गांव, जिला छतरपुर, मध्य प्रदेश
भक्तहनुमान महाराज
गुरुश्री सन्यासी महाराज
वैवाहिक अवस्थाअविवाहित
भाषाओं के जानकारहिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, बुंदेली
प्रोफेशनकथावाचक, सनातन धर्म प्रचारक
प्रसिद्धदिव्य दरबार के लिए
शैक्षिक योग्यताग्रेजुएट
शैक्षिक डिग्रीबी.ए

पंडित धीरेंद्र शास्त्री कौन हैं (Who is Dhirendra Shastri)

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बागेश्वर धाम अथवा बागेश्वर वाले बाबा के तौर पर ज्यादा प्रसिद्धि मिली हुई है। यह सनातन हिंदू धर्म के प्रखर और प्रबल समर्थक हैं और अपने समारोह और अपने कथाओं में अक्सर ही इनके द्वारा हिंदू समाज को विभिन्न धार्मिक मुद्दों पर जागरूक करने का काम किया जाता है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदू लड़कियों को लव जिहाद से बचने के लिए आगाह करते हैं। इसके अलावा इनके द्वारा मुख्य तौर पर आदिवासी समुदाय के बीच राम कथा और हनुमान कथा का आयोजन किया जाता है ताकि आदिवासियों के मन में हिंदू धर्म के प्रति लगाव लगातार बना रहे।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जन्म, उम्र, जाति एवं धर्म (Dhirendra Shastri Birth, Age, Caste, Religion)

मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम के मुख्य कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म साल 1996 में 4 जुलाई के दिन मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले गढ़ा नाम के गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वर्तमान में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उम्र 26 साल और कुछ महीने के आसपास में है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की शिक्षा एवं शुरूआती जीवन (Dhirendra Shastri Education and Early Life)

यह आवश्यक नहीं है कि स्कूल की शिक्षा ज्ञान का आधार बने। कुछ लोग धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करके भी उसे अपनी शिक्षा का आधार बना लेते हैं। बागेश्वर धाम वाले बाबा जी ने कुछ ऐसा ही किया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अर्थात बागेश्वर वाले बाबा जी के द्वारा अपना अधिकतर समय अपने दादाजी के साथ व्यतीत किया गया है। इनके दादा जी संस्कृत भाषा के काफी अच्छे जानकार थे और इसी लिए बागेश्वर धाम वाले बाबा जी को अपने दादाजी से ही रामायण और भागवत की शिक्षा प्राप्त हुई।

गरीबी की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते थे। यहां से इन्होंने आठवीं क्लास की पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई करने के लिए घर से 5 किलोमीटर दूर एक अन्य स्कूल में जाना पड़ता था, परंतु उनके पास स्कूल जाने के लिए साइकिल भी नहीं थी। इसीलिए यह पैदल ही स्कूल पहुंचते थे। 12वीं क्लास की पढ़ाई को सफलतापूर्वक पूरा करने के पश्चात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आगे की पढ़ाई कॉलेज में करना चाहते थे, परंतु कई मुश्किलों की वजह से उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट का प्राइवेट एजुकेशन प्राप्त करने के लिए फॉर्म भरा। बता दे कि बागेश्वर धाम वाले बाबा जी हिंदी, बुंदेली, अंग्रेजी और संस्कृत भाषा के अच्छे जानकार हैं। हालांकि यह अपनी कथा में अधिकतर हिंदी और बुंदेली भाषा का इस्तेमाल करते हैं। बचपन में काफी गरीबी होने के कारण धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वृंदावन में जाकर के कर्मकांड पढ़ने की इच्छा रखने के बावजूद भी ऐसा नहीं कर सके और इसके बाद इन्होंने पास के ही हनुमान मंदिर में बैठकर ध्यान करना शुरू कर दिया।

धीरेंद्र शास्त्री का परिवार (Dhirendra Shastri Family)

धीरेंद्र कृष्ण का जन्म मध्य प्रदेश के एक सामान्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इन्होंने अपने बचपन में काफी गरीबी देखी हुई है। इनके पिताजी का नाम रामकृपाल गर्ग और माताजी का नाम सरोज गर्ग है। इनके दादा जी एक अच्छे लेखक थे जिनका नाम भगवान दास गर्ग था जो कि निर्मोही अखाड़ा के साथ भी जुड़े हुए थे।। इनके दो भाई और एक बहन भी हैं जिनका नाम हमें ज्ञात नहीं है।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कैरियर (Dhirendra Shastri Career)

इन्हें बचपन से ही भगवान श्री राम और हनुमान जी की भक्ति करना अति प्रिय था और इसीलिए यह समय मिलने पर रामायण, भागवत और महाभारत जैसे ग्रंथों का अध्ययन भी करते थे। इन्हें वृंदावन में जाकर के आगे की पढ़ाई करनी थी परंतु आर्थिक तंगी की वजह से बागेश्वर धाम वाले बाबा जी वृंदावन नहीं जा सके। हालांकि उन्होंने इसके बाद भी हार नहीं मानी और घर के पास में ही मौजूद हनुमान मंदिर में हर शनिवार और मंगलवार जा करके ध्यान लगाना शुरू कर दिया। बागेश्वर धाम को अपने दादा जी के द्वारा रोजाना रामायण और भागवत की शिक्षा दी जाती थी। इसलिए इन्हें काफी कम उम्र में ही रामायण और भागवत की अच्छी जानकारी हो गई थी। इनके दादा जी भी अपने जिंदा रहते हुए भी दिव्य दरबार लगाते थे। पंडित शास्त्री अपनी पढ़ाई करने के साथ ही साथ मानव सेवा का काम भी करते थे। इसलिए काफी कम उम्र में ही लोग इन्हें गुरु स्वरूप मानने लगे थे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दादाजी बागेश्वर धाम में बालाजी के मंदिर के बगल ही सत्यनारायण भगवान की कथा सुनाने का काम करते थे और वहां पर ही वह दरबार भी लगाते थे। मंदिर में काफी चढ़ावा आता था परंतु चढ़ावे का इस्तेमाल कभी उनके दादाजी ने अपने निजी कामों के लिए नहीं किया।

इस प्रकार से बचपन से ही बागेश्वर वाले बाबा जी को हनुमान जी और श्री राम की सेवा करने से साथ ही अपने गुरु के आशीर्वाद से कई सिद्धियां धीरे-धीरे प्राप्त होना चालू हो चुकी थी। इसलिए लोग इन्हें चमत्कारी महाराज के नाम से भी बुलाते थे। वर्तमान के समय में बागेश्वर धाम में लोगों की भारी भीड़ लगती है। यहां तक कि पंडाल में बैठने की जगह भी भक्तों को नहीं मिल पाती परंतु फिर भी भक्त अपनी समस्या के निवारण के लिए या फिर अपनी जिंदगी के राज जानने के लिए लंबे समय तक अपना नंबर आने का इंतजार करते हैं। आज बागेश्वर धाम किसी भी प्रकार के परिचय का मोहताज नहीं है ना ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी परिचय के मोहताज है। बागेश्वर धाम और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नाम का डंका देश और दुनिया में बज रहा है।

बागेश्वर धाम क्या है (What is Bageshwar Dham)

बागेश्वर धाम हनुमान जी का बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है, जो कि भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले गढ़ा नामक गांव में मौजूद है। इस गांव में जो हनुमान जी की मूर्ति है उसके बारे में कहा जाता है कि वह मूर्ति अपने आप ही उत्पन्न हुई है। यानी कि यहां पर स्वयंभू हनुमान जी विराजमान है। पिछले 3 से 4 सालों के दरमियान देश और विदेश में इस मंदिर की काफी महिमा तेजी से फैली हुई है। इसलिए यहां पर पहले की अपेक्षा और भी भारी भीड़ आने लगी है। बागेश्वर धाम के बारे में कहा जाता है कि यहां पर हनुमान जी के दर्शन करने से और चार से पांच मंगलवार धाम की पेशी करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है यहां पर भक्तों की समस्या बालाजी अर्जी के माध्यम से सुनते हैं और बालाजी के आदेशों के अनुसार धाम के मुख्य कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के द्वारा भक्तों के समस्या का समाधान किया जाता है.

बागेश्वर धाम में लगने वाली अर्जी, पंडित जी से मुलाकात करना, बागेश्वर वाले बाबा जी से परामर्श और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए किसी भी भक्तों को कुछ भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती है। इस धाम में हनुमान जी महाराज की कृपा से बालाजी महाराज की पेशी के लिए जिन भक्तों की अर्जी लगती है उन्हें हर मंगलवार को लगने वाले दरबार में शामिल होना पड़ता है और महा आरती में शामिल हो करके अपनी पेशी पूरी करनी होती है। मंगलवार के दिन ही बागेश्वर धाम में प्रेत दरबार भी लगता है जहां पर भूत प्रेत बाधा का निवारण किया जाता है। बागेश्वर धाम में टोकन पाने के लिए आपको धाम में मौजूद 1 पेटी में अपना नाम, पिता का नाम, अपने गांव- जिला, राज्य का नाम, पिन कोड के साथ लिखकर पर्ची में डाल देना होता है, साथ ही आपको अपना मोबाइल नंबर भी लिखना होता है। टोकन डालने के पश्चात जिस व्यक्ति का नंबर आता है उस व्यक्ति से बागेश्वर धाम कमेटी फोन नंबर के द्वारा संपर्क स्थापित करती है और उसे टोकन प्रदान किया जाता है, जिसमें एक तारीख होती है, उसी तारीख को आपको बागेश्वर बालाजी महाराज के दरबार में आना होता है।

दिव्य दरबार क्या है

यह जरूरी नहीं है कि दिव्य हनुमान दरबार सिर्फ बागेश्वर धाम के मुख्य मंदिर में लगाया जाए। दिव्य हनुमान दरबार किसी भी जगह पर लगाया जा सकता है। इस दरबार में भूत प्रेत बाधा का निवारण किया जाता है। इससे संबंधित वीडियो भी अक्सर आप यूट्यूब पर देखते ही होंगे। दरबार में व्यक्ति के द्वारा जो भी पूछा जाना है उसे पहले ही महाराज एक पन्ने पर लिखकर रख लेते हैं और उसके बाद व्यक्ति से उसकी समस्या माइक पर कहने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति अपनी समस्या माइक पर कहता है वैसे ही महाराज जी के द्वारा पहले से ही पन्ने पर लिखे गए सवालों को दिखाया जाता है, जो कि व्यक्ति की समस्या से 100 परसेंट मेल खाते हैं। इसके बाद महाराज जी के द्वारा व्यक्ति की समस्या का कारण बताया जाता है और कैसे व्यक्ति उस समस्या से बाहर निकलेगा और कब तक निकलेगा इसके बारे में भी जानकारी दी जाती है। अभी तक बागेश्वर वाले बाबा जी का दिव्य दरबार नागपुर, पटना, महाराष्ट्र, यूपी के कई जिलो, मध्य प्रदेश से लेकर के देश भर के कई राज्यों और विदेशों में भी लग चुका है।

बागेश्वर धाम का सच

बागेश्वर धाम वाले बाबा जी अपनी कथा में हिंदुओं को जागरूक करने का प्रयास करते हैं। इसलिए हिंदुत्व के विरोधियों के द्वारा बागेश्वर धाम वाले बाबा जी को लगातार बदनाम करने का प्रयास किया जाना शुरू कर दिया गया है। इनके बारे में विरोधियों के द्वारा कहा जाता है कि यह अंधविश्वास फैलाते हैं और पाखंडी बाबा है, जबकि लाखों भक्तों ने इस बात को स्वीकार किया हुआ है कि उनकी काफी लंबी समस्या बागेश्वर धाम में जाने के पश्चात खत्म हो गई। भक्तों के अनुसार बागेश्वर धाम वाले बाबा जी अर्थात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के पास हनुमान महाराज के सिद्धि और अपने गुरु सन्यासी बाबा की सिद्धि है। इनके गुरु सन्यासी बाबा बरम बाबा के तौर पर प्रसिद्ध है जो कि हिंदुओं में एक पावरफुल शक्ति होती है और इन्हीं शक्तियों के दम पर भूत प्रेत से लोगों को छुटकारा दिलाया जाता है और उनका भूत भविष्य वर्तमान बताने का काम किया जाता है। यहां तक कि अभी तक बागेश्वर धाम जी के दरबार में कई न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर भी जा चुके हैं और उन्होंने हर प्रकार से इस बात की तसल्ली की है कि यहां पर कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं है। इससे संबंधित वीडियो आप चाहे तो आसानी से यूट्यूब पर देख सकते हैं।

ऐसे बना बागेश्वर धाम (Dhirendra Shastri Bageshwar Dham)

गांव के लोगों के द्वारा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी को धीरू नाम से बुलाया जाता था। कथा पढ़ने के लिए इन्होंने अपने गांव में ही मौजूद प्राचीन भगवान भोलेनाथ के मंदिर को कथा पढ़ने का स्थान बनाया और धीरे-धीरे इसी जगह को लोग बागेश्वर मंदिर के नाम से जानने लगे। साल 2016 में गांव के लोगों की सहायता से यहां पर एक भव्य यज्ञ का आयोजन भी करवाया गया और इसी जगह पर हनुमान महाराज जी की बड़ी सी प्रतिमा को भी स्थापित किया गया। इसके बाद से ही इस जगह को बागेश्वर धाम के नाम से जाना जाने लगा। ऐसा भी कहा जाता है कि बागेश्वर धाम वाले बाबा जी के दादाजी की समाधि भी यहीं पर मौजूद है।

पढ़ लेते हैं मन की बात (Dhirendra Shastri Face Reading)

बागेश्वर धाम वाले बाबा जी के द्वारा यह दावा किया जाता है कि वह लोगों के मन की बात को पढ़ लेते हैं। सोशल मीडिया पर उनके इससे संबंधित कई वीडियो अभी भी उपलब्ध है और कई वीडियो वायरल हो चुके हैं। बाबा जी के द्वारा अपने दरबार में आने वाले लोगों की मन की बात को पहले ही पन्ने पर लिख दिया जाता है। कई लोगों के द्वारा इस पर सवाल उठाए जाते हैं परंतु बाबा जी के द्वारा सभी प्रकार के आरोपों को हमेशा ही खारिज किया गया है। उनका कहना है कि उनके पास अलौकिक शक्तियां मौजूद है जो लोगों की मन की बातें उन्हें भाव के तौर पर बताती है और वही बातें वह पन्ने पर लिख देते हैं।

बागेश्वर धाम वाले बाबा जी बिना किसी भी व्यक्ति का चेहरा देखे हुए उसके बारे में अधिकतर बातें जान लेते हैं। हालांकि इसके बावजूद कई लोग यह आरोप लगाते हैं कि बागेश्वर वाले बाबा जी चेहरा पढ़ने का काम करते हैं और उसी के बाद व्यक्ति की बातों को बताते हैं, जबकि अगर इस बात को गहराई से देखा जाए तो इसमें कुछ भी सच्चाई नहीं है। क्योंकि फेस रीडिंग के अंतर्गत कोई व्यक्ति आपको तभी आपके बारे में जानकारी दे सकता है जब वह आपके चेहरे को लगभग 2 से 5 मिनट ध्यान से देखें। हालांकि ऐसा करने के बाद भी व्यक्ति आपकी कुछ ही बातों को बता सकता है, परंतु बागेश्वर वाले बाबा जी बिना आपका चेहरा देखे हुए आपकी 10 साल से लेकर के 50 साल या फिर उससे भी पिछले कई सौ सालों की हिस्ट्री बता देते हैं, जोकि फेस रीडिंग के अंतर्गत पॉसिबल ही नहीं है।

इसके अलावा ऐसी कई गुप्त बातें हैं जो बागेश्वर वाले बाबा जी बता देते हैं जिनके बारे में सिर्फ आप ही जानते हैं, जो कि फेस रीडिंग के द्वारा भी बता पाना पॉसिबल नहीं है। यहां तक कि आपका मोबाइल नंबर क्या है, आपका बैंक अकाउंट नंबर क्या है, आपने अपनी जेब में जो नोट रखी हुई है। उसका सीरियल नंबर क्या है, आपकी गाड़ी का नंबर क्या है, आपकी गर्लफ्रेंड अथवा आपके बॉयफ्रेंड का नंबर क्या है, आप के कुल देवी देवता कौन है, आपके पुत्र कौन है, आपके पापा जी का नाम क्या है, आपने हाल ही में क्या खाया हुआ है इत्यादि बातें भी बागेश्वर वाले बाबा जी बता देते हैं। इस प्रकार से यह कह सकते हैं कि फेस रेडिंग के द्वारा यह सब करना पॉसिबल ही नहीं है, जो इस बात को चीख चीख कर कह रहा है कि बागेश्वर वाले बाबा जी के पास सही में कोई अलौकिक सिद्धियां मौजूद है, जो सामान्य इंसानों को नहीं दिखाई देती है। इसलिए सामान्य इंसान उन पर भरोसा नहीं करता है।

पंडित धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री की उपलब्धियां (Dhirendra Shastri Achievements)

बागेश्वर वाले बाबा जी देश और विदेश में भी अपनी कथा का आयोजन करने लगे हैं और दिव्य दरबार लगाने लगे हैं। इसी क्रम में वह 1 जून से लेकर के 15 जून तक ब्रिटेन देश के भ्रमण पर गए, जहां पर भव्य तरीके से एयरपोर्ट पर भक्तों के द्वारा उनका स्वागत किया गया और इन्होंने भी वहां पर जोश के साथ हनुमान कथा और राम कथा का वाचन किया। 14 जून को ब्रिटिश संसद में बागेश्वर धाम को संत शिरोमणि, वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन और वर्ल्ड बुक ऑफ यूरोप के सम्मान से नवाजा गया है, जो कि हमारे देश के लिए भी गर्व की बात है।

बागेश्वर धाम लेटेस्ट न्यूज़ (Bageshwar Dham Latest News)

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन नागपुर में 7 दिन हुआ था। हालांकि वह कथा तय समय से पहले ही खत्म करके वापस चले आए और उसके पश्चात अंधश्रद्धा निर्मूलन कमेटी के अध्यक्ष श्याम मानव के द्वारा यह कहा गया कि बागेश्वर वाले बाबा जी अंधविश्वास फैला रहे। इसलिए हम उन पर कानूनी कार्रवाई कराएंगे। अगर बागेश्वर वाले यह साबित कर देते हैं कि वह जो कर रहे हैं वह सच है तो उन्हें ₹3,00,000 का इनाम मिलेगा। हालांकि तब तक बागेश्वर वाले बाबा जी वहां से चले आए थे। हालांकि अब बागेश्वर वाले बाबा जी ने कहा है कि उन्हें उनका चैलेंज मंजूर है। बाबा जी ने कहा कि वह 20 और 21 जनवरी को रायपुर में अपना दरबार लगा रहे हैं, वहां पर आप आकर जिस प्रकार से सच्चाई की तसल्ली करना चाहते हैं उस प्रकार से कर सकते हैं। हम हर प्रकार की चुनौती को स्वीकार करने वाले हैं, क्योंकि हम हनुमान महाराज के भक्त हैं और जब हनुमान महाराज साथ हो तो किस बात की चिंता।

धीरेंद्र शास्त्री को मिल चुकी धमकियां (Dhirendra Shastri Challenge)

पंडित धीरेंद्र ने कहा कि जब से हमने काफी आदिवासी लोगों की वापस सनातन धर्म में वापसी करवाई है, तब से ही हमें यह आभास हो गया था कि हमारे ऊपर आगे चलकर आरोप लगने वाले है, क्योंकि गुरु कृपा से हम यह जान गए थे। गुरुप्रेरणा से ही हमें इस बात की जानकारी प्राप्त हुई है कि काफी जल्दी ही विभिन्न सनातन द्रोहियों के द्वारा हमें रास्ते से हटाने का काम किया जाएगा। हालांकि हमारे साथ देश के 100 करोड़ हिंदू और बागेश्वर बाबा जी का आशीर्वाद है। इसलिए हम डट कर उनका सामना करेंगे।

बिहार के शिक्षामंत्री को दिया चैलेंज (Bihar Education Minister Challenge)

बिहार के शिक्षा मंत्री के द्वारा रामचरितमानस पर किए गए उटपटांग व्यंग से गुस्सा होकर के पंडित जी ने कहा कि दूसरे मजहब का विरोध कोई नहीं करता परंतु अगर वह किसी दूसरे धर्म की किताब को लेकर के कुछ कह देते तो उनके विरोध में लाखों लोग खड़े हो जाते हैं। हालांकि इस बार वह किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। बाबा जी ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री को रामचरितमानस पढ़नी चाहिए। अगर उन्हें पढ़ना नहीं आता है तो हमारे पास आए हम उन्हें बताएंगे।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान (Dhirendra Shastri Statement)

बागेश्वर बाबा जी के द्वारा अभी तक कई बयान दिए गए हैं जो काफी चर्चा के विषय रहे। कुछ बयान निम्नानुसार है।

फिल्म पठान पर बयान

बागेश्वर बाबा जी के द्वारा पठान विवाद पर कहा गया कि भगवा रंग आखिर बेशर्म कैसे हो सकता है। अगर भगवा रंग बेशर्म है तो हरा रंग भी बेशर्म होना चाहिए, क्योंकि अगर हमारा भगवा रंग बेशर्म है तो हरे रंग को भी लाया जाए।

बुलडोजर पर बयान

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के द्वारा गुंडा तत्वों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई किए जाने पर अपनी एक सभा के दरमियान बागेश्वर महाराज ने काफी खुशी व्यक्त की थी और उन्होंने कहा था कि उनके पास पैसे नहीं है वरना वह भी बुलडोजर खरीद लेते और सनातन द्रोहियों के घर पर बुलडोजर चला देते हैं। इनके इस बयान से वामपंथियों को काफी मिर्ची लगी हुई थी, वही दक्षिणपंथियो ने इस बयान का खुलकर स्वागत किया था।

श्रद्धा वाकर मर्डर केस पर बयान

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के द्वारा श्रद्धा वाकर मर्डर केस पर भी ध्यान दिया गया था। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि हमारी बहन बेटियों को लव जिहाद से सावधान रहने की आवश्यकता है, वरना वह ऐसे ही 35 टुकड़ों में कटती रहेंगी। बता दे कि श्रद्धा नाम की हिंदू लड़की की हत्या उसके मुस्लिम प्रेमी आफताब ने कर दी थी और उसके शव को 35 टुकड़ों में विभाजित कर दिया था।

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FAQ

Q : धीरेंद्र कृष्ण महाराज कौन है?

Ans : धीरेंद्र कृष्ण महाराज बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर है।

Q : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उम्र कितनी है?

Ans : वर्तमान में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उम्र 26 साल है।

Q : बागेश्वर महाराज क्यों प्रसिद्ध है?

Ans : बागेश्वर महाराज तंत्र बाधा और भूत प्रेत निवारण करने के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यह हनुमान जी के परम भक्त होने की वजह से भी प्रसिद्ध है।

Q : बागेश्वर धाम वाले गुरु जी का नाम क्या है?

Ans : इनके गुरु जी इनके दादा जी है, जिनका नाम सन्यासी बाबा है। हालांकि वह अब जीवित नहीं है।

Q : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की शादी हुई है या नहीं?

Ans : अभी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अविवाहित है। हालांकि इनके गुरु ने इन्हें शादी करने का आदेश कब से ही दिया हुआ है।

Q : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म कब हुआ?

Ans : इनका जन्म 4 जुलाई 1996 को हुआ था।

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